त्रिपुरेश्वरी पीठ एवं बालाजी मंदिर में श्रद्धा और सेवा का संगम, गुरुजी कर रहे निःशुल्क मार्गदर्शन

त्रिपुरेश्वरी पीठ एवं बालाजी मंदिर में श्रद्धा और सेवा का संगम, गुरुजी कर रहे निःशुल्क मार्गदर्शन

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : संजय जोशी

रूपनगर नगर स्थित त्रिपुरेश्वरी पीठ एवं बालाजी मंदिर में इन दिनों श्रद्धा और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है। यहां प्रतिदिन शाम के समय पूरन चंद्र पाठक (गुरुजी) श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान कर उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

मंदिर में आने वाले लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर गुरुजी के समक्ष पहुंचते हैं, जहां वे धैर्यपूर्वक उनकी बात सुनकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं और कष्टों के निवारण का मार्ग बताते हैं। विशेष बात यह है कि वे इस सेवा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेते।

पूरन चंद्र पाठक जी इस सेवा को अपना धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य मानते हैं और नियमित रूप से मंदिर में उपस्थित होकर श्रद्धालुओं की सहायता करते हैं। उनकी इस निःस्वार्थ सेवा से श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और विश्वास बना हुआ है।

मंदिर परिसर में समय-समय पर हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जाता है, जो गुरुजी के मार्गदर्शन और देखरेख में संपन्न होते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

प्रत्येक माह पूर्णिमा के अवसर पर बालाजी महाराज को विधि-विधान के साथ चोला चढ़ाया जाता है। इस धार्मिक परंपरा का नेतृत्व भी पूरन चंद्र पाठक जी करते हैं, जिसमें श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।

चोला चढ़ाने की इस धार्मिक प्रक्रिया में यादव जी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। पूजा-अर्चना के उपरांत भगवान को भोग अर्पित किया जाता है और इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है।

मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम आरती का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। शाम की आरती के बाद गुरुजी स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करते हैं, जिससे भक्तों में विशेष श्रद्धा का भाव देखने को मिलता है।

मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते हैं। पूरा मंदिर परिसर भक्ति और आस्था के वातावरण से गूंज उठता है।