मानसून से पहले उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज, मॉक ड्रिल से परखी जा रही व्यवस्था

मानसून से पहले उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज, मॉक ड्रिल से परखी जा रही व्यवस्था

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्यभर में राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा और अभ्यास अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

9 जून को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई हो सके।

इसी क्रम में हाल ही में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न जनपदों की तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों और आपदा से निपटने की रणनीतियों का विस्तृत आकलन किया गया। इस अभ्यास में प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन इकाइयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।

अधिकारियों के अनुसार, आगामी 2 जुलाई को राज्यस्तरीय मुख्य मॉक ड्रिल प्रस्तावित है। इस मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति उत्पन्न कर राहत और बचाव कार्यों की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इस अवसर पर अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन उपकरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि विभिन्न प्रकार की आपदाओं जैसे भूस्खलन, बाढ़ और भूकंप में कौन से संसाधन किस प्रकार उपयोगी साबित हो सकते हैं।

प्रदर्शनी और अभ्यास के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी भी दी गई, ताकि वे आपदा के समय उपकरणों का सही और प्रभावी उपयोग कर सकें। इससे राहत कार्यों में तेजी और दक्षता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आपदा आने से पहले ही पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए लगातार अभ्यास और समीक्षा की जा रही है।

प्रशासन का मानना है कि इन तैयारियों से आपदा के समय राहत और बचाव कार्य अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे, जिससे राज्य में आपदा प्रबंधन प्रणाली और मजबूत होगी।