नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षद प्रीति आर्या ने उठाए जनहित के मुद्दे, पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग

नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षद प्रीति आर्या ने उठाए जनहित के मुद्दे, पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर निगम की बोर्ड बैठक में राजेंद्र नगर वार्ड संख्या 12 की पार्षद प्रीति आर्या ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए पांच सूत्रीय मांगें बोर्ड के समक्ष रखीं। उन्होंने वार्ड में क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण, पेयजल लाइनों के विस्तार, शिल्पकार समाज के संस्थानों के संचालन, बोर्ड बैठकों में पारदर्शिता और लंबित विकास कार्यों की समीक्षा की मांग की। पार्षद ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता राजनीतिक मतभेदों के बजाय आम जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का समुचित विकास होना चाहिए।

बोर्ड बैठक के दौरान पार्षद प्रीति आर्या ने राजेंद्र नगर वार्ड की बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के लिए वार्ड की कई गलियों में सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द सड़कों का निर्माण कराना चाहिए।

पार्षद ने कहा कि वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण आम नागरिक लंबे समय से परेशान हैं। विशेष रूप से सीवर लाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई गलियों की स्थिति सुधारना आवश्यक है। उन्होंने नगर निगम से मांग की कि जिन स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं, उनकी स्थिति का निरीक्षण कराकर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके।

बैठक में पार्षद प्रीति आर्या ने बोर्ड प्रस्ताव संख्या 14 का भी जोरदार विरोध किया। उन्होंने इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग पर विचार करने और राजेंद्र शिल्पकार सेवा संस्थान, शीशमहल कम्युनिटी हॉल तथा वार्ड संख्या 12 स्थित शिल्पकार सेवा संस्थान का संचालन संबंधित समितियों और समाज के पास ही बनाए रखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों से शिल्पकार समाज की ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान जुड़ी हुई है, इसलिए इनके संचालन से संबंधित निर्णय लेते समय समाज के अधिकारों और भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रीति आर्या ने कहा कि आजादी से पहले से ही कुमाऊं का शिल्पकार समाज अपने संस्थानों का संचालन करता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों के संचालन का अधिकार समाज से वापस लेना अनुसूचित समाज के अधिकारों और सम्मान के विरुद्ध होगा। उन्होंने इसे समाज का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसे किसी भी निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्षद ने बोर्ड से मांग की कि प्रस्ताव संख्या 14 पर पुनर्विचार किया जाए और संबंधित संस्थाओं के संचालन की पूर्व व्यवस्था को बनाए रखा जाए।

इसके अलावा पार्षद ने राजेंद्र नगर वार्ड में पेयजल आपूर्ति की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि वार्ड की कई गलियों में अब तक पेयजल लाइन नहीं बिछाई गई है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को पानी की उपलब्धता से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभागों के अधिकारियों से वार्ड का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और जिन गलियों में पेयजल लाइन नहीं है, वहां नई लाइन बिछाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए।

नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पार्षद प्रीति आर्या ने सभी बोर्ड बैठकों का लाइव प्रसारण कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठकों में शहर के विकास, जनहित और नगर निगम की योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में आम जनता को भी यह जानने का अधिकार है कि उनके निर्वाचित प्रतिनिधि किन मुद्दों को उठा रहे हैं और नगर निगम द्वारा क्या निर्णय लिए जा रहे हैं।

पार्षद ने बोर्ड बैठकों की कवरेज के लिए मीडिया को अनुमति देने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से नगर निगम की बैठकों और फैसलों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचती है। इससे निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को अपने क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है।

बोर्ड बैठक में पार्षद ने पूर्व में पारित प्रस्तावों और लंबित जनहित के कार्यों की समीक्षा कराने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की पिछली बोर्ड बैठकों में विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन कई कार्य अब भी लंबित हैं। ऐसे में सभी प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि स्पष्ट हो सके कि किन कार्यों पर कार्रवाई हुई है और किन योजनाओं को अभी पूरा किया जाना बाकी है।

प्रीति आर्या ने कहा कि नगर निगम के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को अनदेखा करने के बजाय उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

फिलहाल नगर निगम की बोर्ड बैठक में राजेंद्र नगर वार्ड संख्या 12 की पार्षद प्रीति आर्या द्वारा उठाई गई पांच सूत्रीय मांगों ने वार्ड की मूलभूत सुविधाओं, शिल्पकार समाज के संस्थानों के संचालन और निगम की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को सामने रखा है। पार्षद ने स्पष्ट किया कि जनहित के सवालों पर उनकी आवाज लगातार उठती रहेगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना होना चाहिए। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इन मांगों पर क्या निर्णय लेता है और लंबित विकास कार्यों को पूरा करने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।