
स्थान : बद्रीनाथ, चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चमोली पुलिस की ईमानदारी और तत्परता का एक सराहनीय मामला सामने आया है। भगवान बद्री विशाल के दर्शन करने पहुंची उत्तर प्रदेश की एक महिला श्रद्धालु का नकदी और मोबाइल फोन से भरा पर्स मंदिर परिसर में कहीं खो गया। ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर सती ने तत्परता दिखाते हुए पर्स को सुरक्षित बरामद किया और महिला श्रद्धालु को वापस लौटा दिया। अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर महिला और उनके परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

जानकारी के अनुसार, सोमवार 2 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद निवासी सुनीता मिश्रा अपने परिवार के साथ भगवान बद्री विशाल के दर्शन करने श्री बद्रीनाथ धाम पहुंची थीं। मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान उनका पर्स कहीं गुम हो गया। पर्स में आठ हजार रुपये की नकदी और एक मोबाइल फोन रखा हुआ था। सामान खोने से महिला श्रद्धालु और उनके परिजन परेशान हो गए।




धार्मिक यात्रा के दौरान मोबाइल फोन और नकदी से भरा पर्स खो जाना श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। विशेष रूप से दूसरे राज्य से आए यात्रियों के लिए मोबाइल फोन संपर्क और यात्रा संबंधी आवश्यक जानकारियों का महत्वपूर्ण साधन होता है। ऐसे में अपना पर्स गुम होने से सुनीता मिश्रा को काफी चिंता हुई।

इसी दौरान श्री बद्रीनाथ धाम में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर सती ने तत्परता और जिम्मेदारी का परिचय दिया। उन्होंने खोए हुए पर्स को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद पर्स को संबंधित महिला श्रद्धालु के सुपुर्द किया गया। पुलिसकर्मी की सक्रियता के चलते महिला को अपनी पूरी नकदी और मोबाइल फोन वापस मिल गया।

अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर सुनीता मिश्रा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने पर्स में रखे आठ हजार रुपये और मोबाइल फोन सुरक्षित मिलने पर राहत की सांस ली। महिला श्रद्धालु और उनके परिजनों ने हेड कांस्टेबल दिवाकर सती तथा चमोली पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिसकर्मी की ईमानदारी और तत्परता की सराहना की।
बद्रीनाथ धाम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा तथा सहायता के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। श्रद्धालुओं के खोए हुए सामान को वापस दिलाने जैसी घटनाएं पुलिस की जनसेवा से जुड़ी भूमिका को सामने लाती हैं।



इस घटना में हेड कांस्टेबल दिवाकर सती ने अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदारी का परिचय देते हुए श्रद्धालु को राहत पहुंचाई। उनका यह कार्य पुलिस सेवा में ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। धार्मिक यात्रा के दौरान इस प्रकार की सहायता मिलने से श्रद्धालुओं में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है।

चमोली पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जाता है। बद्रीनाथ धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर पुलिस की तत्परता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस घटना ने यह भी संदेश दिया कि पुलिसकर्मियों की छोटी-छोटी जनहितकारी पहल यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन सकती हैं।
फिलहाल बद्रीनाथ धाम में अमेठी निवासी सुनीता मिश्रा का नकदी और मोबाइल फोन से भरा खोया पर्स वापस मिलने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। हेड कांस्टेबल दिवाकर सती की ईमानदारी और तत्परता के कारण महिला श्रद्धालु को अपना सामान सुरक्षित वापस मिल सका। इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर चमोली पुलिस की जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा का सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

