
स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की लक्सर शुगर मिल में शुभ मुहूर्त और विधि-विधान के साथ नए पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के किसानों के साथ कई राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियां मौजूद रहीं। पेराई सत्र के शुभारंभ के साथ ही गन्ना किसानों के हितों और गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम में पहुंचे खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग करते हुए किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने की वकालत की।

लक्सर शुगर मिल में नए पेराई सत्र की शुरुआत को लेकर किसानों में उत्साह देखने को मिला। मिल के संचालन से क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी फसल की आपूर्ति करने में सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की आर्थिक स्थिति, गन्ने के उचित मूल्य और समय पर भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।





कार्यक्रम में पहुंचे खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी मेहनत और उत्पादन के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है। चैंपियन ने मांग की कि उत्तराखंड सरकार गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 700 रुपये प्रति कुंतल घोषित करे, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।

पूर्व विधायक चैंपियन ने गन्ने और चीनी के मूल्य की तुलना करते हुए कहा कि जब बाजार में चीनी 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है तो किसानों को गन्ने का भाव भी 700 रुपये प्रति कुंतल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल तैयार करते हैं, लेकिन उन्हें उत्पादन लागत और अन्य खर्चों को देखते हुए पर्याप्त लाभ मिलना जरूरी है। हालांकि, चीनी के बाजार मूल्य और गन्ने के सरकारी मूल्य का निर्धारण अलग-अलग आर्थिक एवं नीतिगत आधारों पर होता है।

चैंपियन ने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार गन्ना किसानों की यह मांग पूरी नहीं कर पाती है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने बताया कि गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग को लेकर वह प्रधानमंत्री को ईमेल भी भेज चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए गन्ने के मूल्य में पर्याप्त वृद्धि करना आवश्यक है।
गन्ना किसानों के बिजली बिल और सरचार्ज से संबंधित समस्याओं को भी पूर्व विधायक ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं, लेकिन किसानों को बिजली के बकाया बिलों और सरचार्ज में राहत नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे किसानों को बिजली के बिलों में भी उचित राहत मिलनी चाहिए।




चैंपियन ने आरोप लगाया कि कई मामलों में किसानों पर 10 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया होने पर उनके बिजली मीटर तक उखाड़ लिए जाते हैं। उन्होंने इस स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसानों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से किसानों के बिजली सरचार्ज को माफ करने और बिजली संबंधी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की।

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड सरकार के दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने भी गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी किए जाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन के माध्यम से उत्तराखंड में गन्ने का मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने की मांग की गई थी।
ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार को मूल्य वृद्धि पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उत्तराखंड में गन्ने का मूल्य उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों की तुलना में अधिक घोषित किया जाएगा। हालांकि, नए पेराई सत्र के लिए गन्ने के अंतिम सरकारी मूल्य की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
इधर, लक्सर शुगर मिल के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि नए पेराई सत्र को लेकर मिल प्रबंधन की ओर से किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन का प्रयास है कि गन्ना आपूर्ति और पेराई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए मिल परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
एसपी सिंह ने गन्ना भुगतान को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिल प्रबंधन का प्रयास है कि दीपावली से पहले किसानों को गन्ने के भुगतान की एक किस्त जारी कर दी जाए, ताकि किसान त्योहार को खुशी और उल्लास के साथ मना सकें। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराना मिल प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल है। भुगतान की प्रस्तावित किस्त किसानों के लिए राहत का माध्यम बन सकती है।
लक्सर क्षेत्र में गन्ने की खेती बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में पेराई सत्र शुरू होने के साथ गन्ने का उचित मूल्य और समय से भुगतान किसानों के लिए प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और बिजली जैसे खर्चों का दबाव भी महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि पेराई सत्र के शुभारंभ पर गन्ने के मूल्य में वृद्धि और बिजली संबंधी राहत की मांग चर्चा के केंद्र में रही।
फिलहाल लक्सर शुगर मिल में नए पेराई सत्र की शुरुआत के साथ ही गन्ना मूल्य को लेकर राजनीतिक और किसान हितों से जुड़ी मांगें तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने 700 रुपये प्रति कुंतल और दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य की मांग उठाई है। वहीं, मिल प्रबंधन ने दीपावली से पहले किसानों को भुगतान की एक किस्त जारी करने का प्रयास करने की बात कही है। अब किसानों की निगाहें प्रदेश सरकार की गन्ना मूल्य संबंधी घोषणा और मिल प्रबंधन की भुगतान व्यवस्था पर टिकी हैं।

