दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान, रामनगर में मिठाइयों और मसालों समेत 91 खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच

दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान, रामनगर में मिठाइयों और मसालों समेत 91 खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच

स्थान : रामनगर (नैनीताल)
ब्यूरो रिपोर्ट

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने और लोगों की सेहत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में रामनगर के विभिन्न बाजारों में मोबाइल फूड सेफ्टी लैब के माध्यम से मिठाइयों, मसालों, खाद्य तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की गई। विभागीय टीम ने मुख्य बाजार से लेकर छोटे बाजारों और कस्बों की दुकानों तक पहुंचकर कुल 91 सैंपल लिए। अभियान के दौरान व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की पहचान के बारे में भी जागरूक किया गया।

रामनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मोबाइल फूड सेफ्टी लैब के साथ विभिन्न बाजारों में पहुंची। इस दौरान मिठाई की दुकानों, किराना प्रतिष्ठानों और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों पर जांच अभियान चलाया गया। टीम ने दुकानों पर उपलब्ध हल्दी, विभिन्न प्रकार के मसालों, खाद्य तेल, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए गए इस अभियान में रामनगर के मुख्य बाजार के साथ छोटे बाजारों और आसपास के कस्बों को भी शामिल किया गया। विभागीय टीम ने विभिन्न दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर मोबाइल प्रयोगशाला में उनकी जांच की। अभियान के दौरान कुल 91 सैंपल लिए गए। अधिकारियों ने व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन के उपायुक्त एवं मोबाइल फूड सेफ्टी लैब के नोडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय शंकर पांडे के निर्देश पर दीपावली को देखते हुए कुमाऊं मंडल में एक सप्ताह का विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों, मसालों, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग का प्रयास है कि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और व्यापारियों को भी जागरूक किया जाए।

वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मोबाइल फूड सेफ्टी लैब के माध्यम से दुकानदारों के सामने ही खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। इससे व्यापारियों को यह समझने का अवसर मिल रहा है कि उनकी दुकानों पर उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता कैसी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान दुकानदारों को अच्छी गुणवत्ता वाले मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों की पहचान करने के तरीके भी बताए जा रहे हैं, जिससे वे ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध करा सकें।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य केवल जांच करना ही नहीं, बल्कि खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है। मोबाइल लैब के माध्यम से व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। विभाग का मानना है कि यदि दुकानदारों को मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की पहचान होगी, तो उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नोडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के पास वर्तमान में तीन मोबाइल फूड सेफ्टी लैब उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से वर्षभर विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया जाता है। इन मोबाइल प्रयोगशालाओं की विशेषता यह है कि इन्हें दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक ले जाकर खाद्य पदार्थों की जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग की मोबाइल फूड सेफ्टी लैब सीमांत क्षेत्र माणा तक भी पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच कर चुकी है।

रामनगर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान खाद्य निरीक्षक असलम खान सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य सामग्री की जांच करने के साथ व्यापारियों को गुणवत्ता संबंधी आवश्यक जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी उद्देश्य से कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान चलाया जा रहा है।

दीपावली से पहले रामनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विभाग ने कुल 91 खाद्य नमूनों की जांच के साथ व्यापारियों को जागरूक करने पर भी जोर दिया है। हालांकि, जांच में कितने नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरे और कितने में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई गईं, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में जांच के परिणाम और विभाग की आगामी कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।