बदरीनाथ धाम में आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं का आंकड़ा 21 लाख पार, दर्शन के लिए लग रही दो किलोमीटर लंबी कतार

बदरीनाथ धाम में आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं का आंकड़ा 21 लाख पार, दर्शन के लिए लग रही दो किलोमीटर लंबी कतार

स्थान : बदरीनाथ (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में शीतकाल के लिए कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने के लिए भू-वैकुंठ धाम पहुंच रहे हैं। इस वर्ष बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 21 लाख के पार पहुंच गई है। सोमवार को भी करीब 14 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हरि नारायण के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या से धाम में एक बार फिर मई-जून जैसा यात्रा सीजन नजर आने लगा है।

बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होने हैं। ऐसे में कपाट बंद होने से पहले भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। धाम में सुबह से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। ठंड का असर बढ़ने के बावजूद तीर्थयात्रियों के उत्साह और आस्था में कोई कमी दिखाई नहीं दे रही है। श्रद्धालु घंटों इंतजार कर भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर रहे हैं।

कार्तिक मास में पवित्र स्नान और भगवान श्री हरि नारायण के दर्शनों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। तीर्थयात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन के साथ कार्तिक स्नान का पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते दिनभर धार्मिक गतिविधियां जारी हैं।

बदरीनाथ धाम के स्थानीय होटल कारोबारी राम नारायण भंडारी ने बताया कि इन दिनों धाम में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे धाम में एक बार फिर मई और जून का यात्रा सीजन लौट आया हो। बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने से पूरे बदरीनाथ क्षेत्र में रौनक बनी हुई है।

राम नारायण भंडारी ने बताया कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सामान्यतः मौसम ठंडा होने लगता है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या ने स्थानीय व्यापारियों में भी उत्साह भर दिया है। धाम में होटल, लॉज, भोजनालय और अन्य व्यवसायों से जुड़े लोगों को तीर्थयात्रियों की आमद का लाभ मिल रहा है। यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बदरीनाथ धाम में इन दिनों मौसम का अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम सर्द हवाएं चलने से ठंड का एहसास बढ़ रहा है, जबकि दिन में निकलने वाली गुनगुनी धूप श्रद्धालुओं को राहत दे रही है। ठंडे मौसम के बीच तीर्थयात्री पूरे उत्साह के साथ भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। हिमालय की गोद में स्थित इस पवित्र धाम का प्राकृतिक सौंदर्य भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने के बाद श्रद्धालु बदरीपुरी के विभिन्न धार्मिक और रमणीक स्थलों का भी रुख कर रहे हैं। तीर्थयात्री मंदिर के आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के साथ क्षेत्र के धार्मिक महत्व वाले स्थलों के दर्शन कर रहे हैं। हिमालय की ऊंची चोटियों, ठंडी हवाओं और अलकनंदा नदी के किनारे बसे बदरीनाथ धाम का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।

इस वर्ष बदरीनाथ धाम की यात्रा श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण रही है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक ही 19 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जबकि 25 अक्टूबर को प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 21 लाख के पार पहुंच गई। कपाट बंद होने में अभी कुछ समय शेष होने के कारण धाम में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या से इस वर्ष यात्रा का आंकड़ा और ऊपर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इससे पहले 12 नवंबर से मंदिर में पंच पूजाओं की प्रक्रिया शुरू होगी। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। धाम में उमड़ रही भीड़ और स्थानीय कारोबार में आई रौनक ने यात्रा के अंतिम चरण को भी खास बना दिया है।