किच्छा में इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों में नाराजगी, प्रदूषण का आरोप लगाकर प्रशासन से जांच की मांग

किच्छा में इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों में नाराजगी, प्रदूषण का आरोप लगाकर प्रशासन से जांच की मांग

स्थान : किच्छा/ऊधम सिंह नगर
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर जिले की किच्छा तहसील के किशनपुर क्षेत्र में स्थित मां शीतला वेंचर लिमिटेड इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने फैक्ट्री से कथित रूप से होने वाले वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने उपजिलाधिकारी गौरव पांडे को ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री के संचालन और पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इथेनॉल फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं, दुर्गंध और तेज शोर के कारण आसपास के आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि फैक्ट्री के संचालन से क्षेत्र के पर्यावरण और आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रदूषण की समस्या केवल लोगों की दैनिक दिनचर्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि यदि समय रहते प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों की जांच नहीं की गई, तो भविष्य में आसपास के पर्यावरण और जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि इन आशंकाओं की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच आवश्यक है।

उपजिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर फैक्ट्री परिसर तथा आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि प्रदूषण से संबंधित शिकायतों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और क्षेत्रवासियों की चिंताओं का समाधान किया जा सके।

शिकायतकर्ताओं ने फैक्ट्री के आसपास वायु और जल की गुणवत्ता की जांच कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों की ओर से हवा और पानी के नमूने लेकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण की व्यवस्था की भी पड़ताल की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अपशिष्ट प्रबंधन निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं।

ग्रामीणों ने फैक्ट्री की स्थापना और संचालन से संबंधित विभिन्न विभागीय अनुमतियों की जांच कराने की मांग भी उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि फैक्ट्री को मिली पर्यावरणीय स्वीकृतियों, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अनुमति और संचालन की निर्धारित शर्तों की जांच की जानी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उनका कहना है कि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से जल्द संयुक्त जांच कराकर उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और यदि कोई समस्या सामने आती है, तो उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल किशनपुर स्थित मां शीतला वेंचर लिमिटेड इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी गौरव पांडे को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रदूषण संबंधी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग उनकी शिकायतों का संज्ञान लेकर जांच करेंगे और पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का समाधान करेंगे।