एसआईआर के नाम पर मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश का आरोप, कांग्रेस नेता अमित सिहाग ने भाजपा पर साधा निशाना

एसआईआर के नाम पर मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश का आरोप, कांग्रेस नेता अमित सिहाग ने भाजपा पर साधा निशाना

स्थान : टिहरी गढ़वाल
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत उत्तराखंड पहुंचे कांग्रेस नेता अमित सिहाग ने नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के मुनि की रेती में पत्रकार वार्ता कर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर आम नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। सिहाग ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए देशभर में आंदोलन करेगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान अमित सिहाग ने कहा कि भाजपा की नीतियां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं को संदिग्ध श्रेणी में डालकर उनके मतदान के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। सिहाग ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है और किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, भाजपा या निर्वाचन आयोग की ओर से जानबूझकर मतदाताओं को वंचित करने के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अमित सिहाग ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की आड़ में लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक पात्र नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नामों और उनकी पात्रता को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था को लेकर तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं को संदिग्ध बनाए जाने की कथित व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रही है। सिहाग ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।

अमित सिहाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने कांग्रेस की तीनों मांगों को स्वीकार नहीं किया तो पार्टी दिल्ली में बड़े स्तर पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मताधिकार से जुड़े सवालों को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के नाम पर अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा लगातार उठाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि देश में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में कई सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी।

उत्तराखंड में भी कांग्रेस की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को विस्तार दिया जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न सांगठनिक जिलों में अभियान की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी तय की है। अमित सिहाग को टिहरी, देवप्रयाग, उत्तरकाशी और पुरोला क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान के तहत मतदाता सूची में पारदर्शिता, मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जनसंवाद किया जा रहा है।

पत्रकार वार्ता में अमित सिहाग ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली से परेशान है और आगामी विधानसभा चुनाव में बदलाव चाहती है। सिहाग ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर कांग्रेस को सरकार बनाने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने, जनता की समस्याओं का समाधान करने और शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।

अमित सिहाग ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से पार्टी की तीनों मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। वहीं, एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों से उत्तराखंड में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग अपने आधिकारिक पोर्टल पर एसआईआर से संबंधित मतदाता सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। हालांकि, मुनि की रेती में सिहाग की ओर से लगाए गए विशिष्ट आरोपों पर भाजपा और निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।