खरगे और अखिलेश यादव के बयानों पर भड़के केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, कांग्रेस पर साधा निशाना

खरगे और अखिलेश यादव के बयानों पर भड़के केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, कांग्रेस पर साधा निशाना

स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सोमवार को अल्मोड़ा पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने खरगे के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी पराजय से कांग्रेस के नेता हताश हो चुके हैं और राजनीतिक मर्यादाओं को भूलकर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तराखंडवासियों से जुड़े कथित बयान पर भी नाराजगी जताई।

अल्मोड़ा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की ओर से की जा रही व्यक्तिगत टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस नीति और मुद्दा नहीं बचा है। यही कारण है कि पार्टी के शीर्ष नेता राजनीतिक विषयों पर चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।

अजय टम्टा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से लगातार मिल रही चुनावी हार के कारण कांग्रेस नेतृत्व में हताशा और निराशा बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खोने के बाद कांग्रेस नेताओं की भाषा लगातार अमर्यादित होती जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक विरोध और विचारधाराओं का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन विरोध करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी आवश्यक है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पूर्व में की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी प्रधानमंत्री को ‘मौत का सौदागर’ कहा गया तो कभी ‘चाय वाला’ कहकर उनके संघर्षों का उपहास उड़ाने का प्रयास किया गया। टम्टा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से इस प्रकार की बयानबाजी पहले भी होती रही है और अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की टिप्पणी ने राजनीतिक शिष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अजय टम्टा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति को सार्वजनिक मंच से बोलते समय विशेष जिम्मेदारी और संयम का परिचय देना चाहिए। उन्होंने खरगे की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक राजनीति की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच नीतियों और विचारों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से बचना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तराखंडवासियों को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को लेकर किसी भी प्रकार की अनुचित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। टम्टा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए और किसी भी प्रदेश के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

अजय टम्टा ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अपने बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव को अपनी टिप्पणियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व को भी इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष सामने रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की इस प्रकार की बयानबाजी राजनीतिक संवाद के स्तर को प्रभावित कर रही है।

वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के विरोध में सोमवार को अल्मोड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। चौघानपाटा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खरगे का पुतला फूंककर नाराजगी जताई और उनसे सार्वजनिक माफी मांगने की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत और पारिवारिक विषयों को लेकर टिप्पणियां करना उचित नहीं है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब उत्तराखंड में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के बयान के बाद अल्मोड़ा में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं। टम्टा ने दोनों विपक्षी नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग दोहराते हुए कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में शालीनता और मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।