हल्द्वानी में वाल्मीकि शोभायात्रा पर मुस्लिम समुदाय ने बरसाए फूल, हिंदू-मुस्लिम एकता की पेश की मिसाल

हल्द्वानी में वाल्मीकि शोभायात्रा पर मुस्लिम समुदाय ने बरसाए फूल, हिंदू-मुस्लिम एकता की पेश की मिसाल

स्थान – हल्द्वानी
रिपोर्टर – पंकज सक्सेना

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर हल्द्वानी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूलों की वर्षा कर वाल्मीकि समाज के लोगों का स्वागत किया। मुस्लिम समुदाय की इस पहल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और पूरे शहर में आपसी सौहार्द का सकारात्मक संदेश दिया।

महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित शोभायात्रा का शुभारंभ लक्ष्मी शिशु मंदिर से किया गया। यहां से शोभायात्रा हल्द्वानी के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए राजपुरा स्थित अंबेडकर पार्क पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। शोभायात्रा में भगवान वाल्मीकि सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्हें देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

शोभायात्रा का सबसे खास और चर्चित पहलू मुस्लिम समुदाय द्वारा किया गया स्वागत रहा। शोभायात्रा के मार्ग में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं और वाल्मीकि समाज के लोगों का अभिनंदन किया। इस दौरान आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय की इस पहल की शोभायात्रा में शामिल लोगों ने सराहना की।

इस अवसर पर शोभायात्रा के अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष मुस्लिम समुदाय द्वारा फूलों की वर्षा कर वाल्मीकि समाज का स्वागत करना अपने आप में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में हिंदू-मुस्लिम एकता की जो मिसाल देखने को मिली है, वह समाज को आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देने का काम करेगी। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों का इस स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया।

वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान ऋषि थे, जिन्होंने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना की। उन्होंने कहा कि पुष्पवर्षा के माध्यम से रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। इस पहल का उद्देश्य समाज में प्रेम, एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करना भी है।

शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिले। भगवान शिव और माता पार्वती सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सुंदर वेशभूषा में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। शोभायात्रा के दौरान धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस से जुड़े लोगों ने भी शिरकत की। इस दौरान भाजपा के एक दर्जाधारी मंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की मनमोहक झांकियां निकाली गई हैं। विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।

राजपुरा स्थित अंबेडकर पार्क में शोभायात्रा के समापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस वर्ष वाल्मीकि जयंती पर निकली शोभायात्रा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी बन गई। मुस्लिम समुदाय द्वारा की गई पुष्पवर्षा ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। हल्द्वानी में देखने को मिली हिंदू-मुस्लिम एकता की इस तस्वीर ने समाज में प्रेम, सम्मान और भाईचारे का संदेश दिया।