
स्थान – लालकुआं
ब्यूरो रिपोर्ट

बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक धरना-प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान गौलापार के बागजाला, सुलताननगरी, प्रताप सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए एकजुटता का परिचय दिया। आंदोलनकारियों ने साफ किया कि राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

धरना स्थल पर आयोजित सभा में ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए बिंदुखत्ता को जल्द से जल्द राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।




धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता के ग्रामीण लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने के लिए आधिकारिक अधिसूचना तत्काल जारी करने की मांग की।


आंदोलनकारियों ने भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों पर इस मुद्दे को लेकर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व ग्राम का मुद्दा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के अधिकारों और भविष्य से जुड़ा हुआ है, लेकिन राजनीतिक दलों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं रखा गया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।


वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक दल केवल आश्वासन देने के बजाय बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी रोडमैप जनता के सामने प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अब केवल घोषणाओं और वादों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

इस बीच आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाने के लिए आगामी 20 दिसंबर, रविवार को हल्द्वानी में विशाल महारैली आयोजित करने की घोषणा की गई। आंदोलनकारियों ने बताया कि इस महारैली में नैनीताल जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही वनाधिकार समितियों और ग्रामीणों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। महारैली के माध्यम से राजस्व ग्राम और वनाधिकारों से जुड़ी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।




आंदोलनकारियों के अनुसार 20 दिसंबर को आयोजित होने वाली महारैली में बिंदुखत्ता से हजारों ग्रामीणों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा गौलापार सहित अन्य वन क्षेत्रों के ग्रामीण भी इस आंदोलन में भागीदारी करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि इस महारैली के जरिए सरकार को यह संदेश दिया जाएगा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण अपने अधिकारों को लेकर एकजुट हैं और मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखेंगे।

धरना सभा के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि 20 दिसंबर की प्रस्तावित महारैली से पहले बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो महारैली के मंच से आंदोलन की अगली उग्र रणनीति और कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया जाएगा और ग्रामीण अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे।

