हल्द्वानी में सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल का वार्षिकोत्सव ‘कालचक्र’ धूमधाम से संपन्न, बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

हल्द्वानी में सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल का वार्षिकोत्सव ‘कालचक्र’ धूमधाम से संपन्न, बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

स्थान – हल्द्वानी
रिपोर्टर – पंकज सक्सेना

शहर के प्रतिष्ठित सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वार्षिकोत्सव ‘कालचक्र’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर वार्षिकोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और खेलकूद के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

विद्यालय के वार्षिकोत्सव को इस वर्ष ‘कालचक्र’ की थीम पर आयोजित किया गया। इसके माध्यम से समय के निरंतर परिवर्तन और बच्चों के जीवन में आने वाले विभिन्न बदलावों को दर्शाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिला।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य ने बताया कि सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को निखारना और उनमें आत्मविश्वास एवं प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है।

प्रधानाचार्य ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में 97 से 98 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के अनेक पूर्व छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर देश के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह विद्यालय के लिए गर्व और सम्मान की बात है।

वार्षिकोत्सव का नाम ‘कालचक्र’ रखे जाने के पीछे की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए प्रधानाचार्य ने कहा कि समय का पहिया निरंतर घूमता रहता है। इसी प्रकार बच्चों के जीवन में भी समय के साथ अनेक प्रकार के बदलाव आते हैं। उनकी सोच, भावनाएं, मानसिकता और व्यक्तित्व लगातार विकसित होते रहते हैं। बच्चों के जीवन में होने वाले इन्हीं परिवर्तनों और उनके विकास की यात्रा को दर्शाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का नाम ‘कालचक्र’ रखा गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने विद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी भी बेहद जरूरी है। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों की प्रतिभा सामने आती है और उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास को नई दिशा मिलती है।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए भारतीय शास्त्रीय संस्कृति और आधुनिक पाश्चात्य संस्कृति का संतुलित समन्वय भी आवश्यक है। उन्होंने क्लासिकल और वेस्टर्न संस्कृति के संगम पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के साथ आधुनिक शिक्षा और नई तकनीकों की जानकारी भी हासिल करनी चाहिए। इससे उनकी सोच विकसित होती है और वे जीवन में निरंतर प्रगति करते हैं।

वार्षिकोत्सव ‘कालचक्र’ के माध्यम से विद्यालय ने शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति और खेलकूद के महत्व को दर्शाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा और विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियां विशेष रूप से चर्चा का विषय रहीं। सांसद अजय भट्ट ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय का यह वार्षिकोत्सव बच्चों के सर्वांगीण विकास और समय के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए संपन्न हुआ।