
स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट :

चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र स्थित खूना बोरा गांव में आयोजित तीन दिवसीय मां पूर्णागिरि महोत्सव का सोमवार को भव्य देवी रथयात्रा के साथ धार्मिक वातावरण में समापन हो गया। महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मां पूर्णागिरि की भव्य डोला यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मां के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच पूरा क्षेत्र देवी की आराधना में डूबा नजर आया।

सोमवार को खूना बोरा गांव से मां पूर्णागिरि के डोले की यात्रा का शुभारंभ किया गया। इससे पहले पंडित सुरेश चंद्र तिवारी ने मां के डोले का शुद्धिकरण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के साथ डोले को मंदिर की ओर रवाना किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली।



मां पूर्णागिरि का डोला मुख्य गांव खूना बोरा से पहाड़ी रास्तों से होते हुए मणेश्वर महादेव मंदिर की ओर रवाना हुआ। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार ‘जय माता दी’ और मां पूर्णागिरि के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। भक्तों की टोली और देवी के डोले के साथ चल रहे श्रद्धालुओं ने पूरे यात्रा मार्ग को भक्तिमय बना दिया।


इस दिव्य रथयात्रा में मां पूर्णागिरि की देव डांगर के रूप में अनीता देवी और मां कालिका की नगारिया के रूप में गंगा देवी रथ पर सवार हुईं। दोनों की उपस्थिति धार्मिक आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ देवी के डोले के दर्शन किए और मां पूर्णागिरि से परिवार की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।


रथयात्रा में खूना बोरा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पहाड़ी रास्तों से गुजरती देवी की यात्रा के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। श्रद्धालु डोले के साथ पैदल चलते हुए धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते नजर आए।
मां पूर्णागिरि का डोला श्रद्धालुओं के साथ मणेश्वर महादेव मंदिर परिसर पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मां के डोले का विधिवत विसर्जन किया गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने देवी का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की।




तीन दिवसीय मां पूर्णागिरि महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित भव्य रथयात्रा ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भागीदारी से महोत्सव का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जुड़े इस आयोजन में ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।

महोत्सव के संचालक भय्यू बोरा ने आयोजन के सफल संचालन में सहयोग करने वाले समस्त ग्रामवासियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से तीन दिवसीय महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।
मां पूर्णागिरि महोत्सव के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। भव्य देवी रथयात्रा, पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और माता के जयकारों ने पूरे खूना बोरा क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन मां पूर्णागिरि की पूजा-अर्चना और डोले के विधिवत विसर्जन के साथ हुआ।

