खरगे के बयान पर देहरादून में भाजपा का विरोध प्रदर्शन, लैंसडाउन चौक पर फूंका पुतला

खरगे के बयान पर देहरादून में भाजपा का विरोध प्रदर्शन, लैंसडाउन चौक पर फूंका पुतला

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। सोमवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लैंसडाउन चौक पर एकत्र हुए और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खरगे के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी दलों को है, लेकिन विरोध के नाम पर किसी नेता के परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की मांग की।

भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के प्रति इस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल केवल एक परिवार का अपमान नहीं, बल्कि देश के उन सभी बुजुर्गों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जीवनभर संघर्ष करते हैं।

सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक विरोध करना कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार की नीतियों, फैसलों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के परिवार को राजनीतिक विवादों में घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने के दौरान शालीनता और मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

भाजपा महानगर अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या मल्लिकार्जुन खरगे को देश का राजनीतिक वातावरण खराब करने के लिए कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस प्रकार की बयानबाजी का समर्थन करता है या नहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने बयानों से सामाजिक और राजनीतिक वातावरण को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों से बचें। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने नेताओं की टिप्पणियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद और राजनीतिक आलोचना स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद का स्तर प्रभावित होता है। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के कथित बयान को लेकर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि सभी राजनीतिक दलों को एक-दूसरे के नेताओं तथा उनके परिवारों के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

लैंसडाउन चौक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाजपा महानगर के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनका पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस पूरे मामले में जवाब देने और राजनीतिक संवाद की गरिमा बनाए रखने की मांग की।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष के कथित बयान को लेकर उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। देहरादून में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की। महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि राजनीति में विरोध नीतियों और विचारधाराओं के आधार पर होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों के माध्यम से। हालांकि, इस पूरे विवाद में कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया सामने आना भी महत्वपूर्ण है।