उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट को लेकर फैली अफवाहों पर हरिद्वार पुलिस सख्त, एसएसपी ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट को लेकर फैली अफवाहों पर हरिद्वार पुलिस सख्त, एसएसपी ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद उनके नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विभिन्न दावों पर हरिद्वार पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से बचाने के उद्देश्य से गिरफ्तार किए जाने के दावे को गलत और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अपुष्ट खबरें प्रसारित करने से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म और कुछ समाचार पोर्टलों पर उनके नार्को टेस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इन चर्चाओं में दावा किया जा रहा था कि अभिनेत्री को नार्को टेस्ट की प्रक्रिया से बचाने के लिए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन दावों का संज्ञान लेते हुए हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी को नार्को टेस्ट से बचाने की कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई द्वारा की जा रही जांच के दौरान संबंधित जांच एजेंसी कानून के तहत आवश्यक प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच एजेंसी को नार्को टेस्ट की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह न्यायालय से विधिवत अनुमति प्राप्त कर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ सकती है।

एसएसपी ने कहा कि किसी व्यक्ति के न्यायिक हिरासत में होने का यह अर्थ नहीं है कि जांच एजेंसी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को आगे नहीं बढ़ा सकती। उन्होंने नार्को टेस्ट से बचाने के लिए गिरफ्तारी किए जाने संबंधी दावों को निराधार बताते हुए लोगों से ऐसी खबरों पर विश्वास नहीं करने की अपील की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच से संबंधित किसी भी कार्रवाई में विधिक प्रावधानों का पालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रानीपुर कोतवाली पुलिस ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए लेकर आई थी। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद उर्मिला सनावर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत होती है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर बिना तथ्यों की पुष्टि किए भ्रामक जानकारी प्रसारित करना उचित नहीं है। ऐसी खबरों से न केवल आम लोगों के बीच भ्रम फैलता है, बल्कि जांच से जुड़े मामलों को लेकर अनावश्यक अटकलों को भी बढ़ावा मिलता है।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और समाचार पोर्टल संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि झूठी अथवा भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों से संबंधित जानकारी प्रकाशित या साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना आवश्यक है। पुलिस इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं को गंभीरता से ले रही है।