
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

बेलड़ा गांव का प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामले को लेकर अब सड़क पर उतरकर आवाज उठाने की तैयारी शुरू हो गई है। एडवोकेट एवं समाजसेवी संजीव वर्मा ने प्रेस वार्ता कर आगामी एक नवंबर को पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से बेलड़ा प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने लाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई जाएगी।

संजीव वर्मा ने बताया कि पदयात्रा रुड़की नगर निगम परिसर में स्थापित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से शुरू होगी। यहां से पदयात्रा जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगी। पदयात्रा में शामिल लोग मामले को लेकर अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखेंगे। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जाएगी।



प्रेस वार्ता के दौरान संजीव वर्मा ने बेलड़ा प्रकरण को लेकर अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की भ्रांति की गुंजाइश न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्षता के साथ तथ्यों की जांच करने की मांग की।


रुड़की ब्लॉक के बेलड़ा गांव में ग्राम प्रधान और खाद्य पूर्ति विभाग से जुड़े विवाद को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। संजीव वर्मा ने इसी मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आना जरूरी है।


उन्होंने भाजपा सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। संजीव वर्मा ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करें। उन्होंने मामले में अधिकारियों के रवैये को लेकर भी असंतोष जताया और प्रकरण की स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संजीव वर्मा के अनुसार, प्रस्तावित पदयात्रा का उद्देश्य बेलड़ा प्रकरण को लेकर अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को निकाली जाने वाली पदयात्रा के माध्यम से मामले की जांच और वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। पदयात्रा के जरिए प्रशासन का ध्यान इस प्रकरण की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।




पदयात्रा के समापन पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से बेलड़ा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखी जाएगी। संजीव वर्मा ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कदम उठाएं।
फिलहाल, एक नवंबर को प्रस्तावित इस पदयात्रा के ऐलान के बाद बेलड़ा प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सभी की निगाहें पदयात्रा पर रहेंगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले को लेकर उठाई जा रही मांगों पर क्या रुख अपनाता है और प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

