द्वाराहाट में 24 वर्षों से आयोजित दुर्गा महोत्सव का इस बार होगा समापन, भविष्य पर संशय

द्वाराहाट में 24 वर्षों से आयोजित दुर्गा महोत्सव का इस बार होगा समापन, भविष्य पर संशय

स्थान : द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर में संकल्प परिवार के तत्वावधान में पिछले 24 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे दुर्गा महोत्सव का इस वर्ष समापन होने जा रहा है। सोमवार को कुलदेवी मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया। महोत्सव के समापन की घोषणा के साथ ही नगर में आगामी वर्ष इसके आयोजन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का पवित्र रामगंगा नदी में विसर्जन किया जाएगा। इससे पूर्व प्रतिमा को जवाहर नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा को भावभीनी विदाई देंगे। प्रतिमा विसर्जन के साथ ही इस वर्ष आयोजित दुर्गा महोत्सव का विधिवत समापन हो जाएगा।

संकल्प परिवार की ओर से की गई घोषणा के अनुसार, इस वर्ष द्वाराहाट में उसके तत्वावधान में दुर्गा महोत्सव का अंतिम आयोजन माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि संकल्प परिवार लंबे समय से नगर में इस धार्मिक आयोजन को निरंतर संचालित करता आ रहा है। बीते 24 वर्षों में महोत्सव ने नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी अलग पहचान बनाई है तथा श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह आयोजन निरंतर आगे बढ़ता रहा है।

हालांकि, आगामी वर्ष से द्वाराहाट के मुख्य बाजार में दुर्गा महोत्सव का आयोजन होगा या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। संकल्प परिवार द्वारा आयोजन से अलग होने की घोषणा के बाद इस धार्मिक परंपरा के भविष्य पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगरवासियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि अगले वर्ष महोत्सव की जिम्मेदारी कौन संभालेगा और क्या इतने वर्षों से चली आ रही परंपरा उसी स्वरूप में जारी रह पाएगी।

इस बीच धार्मिक आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर भी चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि रामलीला सहित अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में राजनीतिक गतिविधियों की बढ़ती दखलंदाजी कहीं ऐसे आयोजनों के संचालन को प्रभावित तो नहीं कर रही है। हालांकि, दुर्गा महोत्सव के आयोजन से संकल्प परिवार के अलग होने के पीछे के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

द्वाराहाट में दुर्गा महोत्सव पिछले करीब दो दशकों से अधिक समय से धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बना रहा है। संकल्प परिवार के प्रयासों से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में पूजा-पाठ, हवन-यज्ञ, भंडारे और प्रतिमा विसर्जन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालु एकजुट होते रहे हैं। ऐसे में आयोजन के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने नगर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई चर्चा को जन्म दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आगामी वर्ष द्वाराहाट के मुख्य बाजार में दुर्गा महोत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कोई नई समिति या स्थानीय संगठन आगे आएगा, अथवा 24 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस महोत्सव पर विराम लग जाएगा। फिलहाल इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है। नगरवासियों की निगाहें अब आगामी वर्ष होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

मंगलवार को रामगंगा नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही संकल्प परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस वर्ष के महोत्सव का समापन हो जाएगा। इसके साथ ही द्वाराहाट में 24 वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के अगले पड़ाव को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। अब देखना होगा कि नगर की धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन को भविष्य में कौन आगे बढ़ाता है और क्या दुर्गा महोत्सव की यह परंपरा निरंतर जारी रह पाती है।