राहुल गांधी के निवेश संबंधी सवालों पर सीएम धामी का पलटवार, बोले- उत्तराखंड में छोटे निवेश भी दे रहे रोजगार

राहुल गांधी के निवेश संबंधी सवालों पर सीएम धामी का पलटवार, बोले- उत्तराखंड में छोटे निवेश भी दे रहे रोजगार

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

राहुल गांधी की ओर से निवेश को लेकर उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर बात पर सवाल उठाते हैं, जिनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं होता। मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में आयोजित इन्वेस्टर समिट और निवेश की ग्राउंडिंग का जिक्र करते हुए सरकार का पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में शानदार इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई थी और उसके बाद निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में भी काम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि निवेश की ग्राउंडिंग से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

सीएम धामी ने कहा कि राहुल गांधी को बड़े-बड़े लोग और बड़े निवेश ही दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक, निवेश को केवल बड़े उद्योगों और बड़ी कंपनियों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था में छोटे निवेश की भी अहम भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से अलग है। यहां पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण निवेश के स्वरूप भी अलग-अलग हैं। ऐसे में छोटे-छोटे निवेश स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे उद्यमी और स्थानीय कारोबारी भी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। सरकार के अनुसार, निवेश का आकलन करते समय इन प्रयासों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के इस बयान के जरिए राज्य सरकार ने निवेश को लेकर अपनी उपलब्धियों और छोटे उद्यमों की भूमिका को रेखांकित किया है। वहीं, राहुल गांधी के निवेश संबंधी सवालों पर धामी की प्रतिक्रिया से यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है।

हालांकि, निवेश की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए घोषित निवेश प्रस्तावों और धरातल पर लागू हो चुकी परियोजनाओं के आंकड़ों को अलग-अलग देखना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने ग्राउंडिंग के आंकड़े प्रस्तुत किए जाने की बात कही है, जबकि इस बातचीत में उन आंकड़ों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।