सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर संघर्ष यात्रा डोईवाला पहुंची, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर संघर्ष यात्रा डोईवाला पहुंची, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

स्थान : डोईवाला
ब्यूरो रिपोर्ट

सिमली बेस हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग को लेकर शुरू हुई पैदल संघर्ष यात्रा सोमवार को डोईवाला पहुंच गई। 11 अक्टूबर को चंडिका मंदिर, सिमली से शुरू हुई इस यात्रा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना नेगी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।

संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि सिमली बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उनका आरोप है कि अस्पताल को लेकर तीन बार घोषणा होने के बावजूद सुविधाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं।

समिति का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती को लेकर सरकार से लगातार मांग की जा रही है।

पैदल संघर्ष यात्रा के माध्यम से समिति अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। यात्रा में शामिल सदस्यों ने कहा कि जब तक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं होतीं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा यह मुद्दा आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है और इसका समाधान किया जाना चाहिए।

संघर्ष समिति के अनुसार, मंगलवार को पैदल यात्रा देहरादून पहुंचेगी। यहां गांधी पार्क में धरना देकर सिमली बेस अस्पताल की समस्याओं और अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

फिलहाल, संघर्ष समिति की इस यात्रा के डोईवाला पहुंचने के बाद अब सभी की निगाहें देहरादून में होने वाले धरने पर टिकी हैं। समिति को उम्मीद है कि आंदोलन के जरिए सरकार का ध्यान अस्पताल की समस्याओं की ओर आकर्षित होगा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।