चंपावत में सीएम धामी के दौरे के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल नजरबंद, कार्रवाई पर भड़की कांग्रेस

चंपावत में सीएम धामी के दौरे के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल नजरबंद, कार्रवाई पर भड़की कांग्रेस

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रविवार को चंपावत दौरे के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल को उनके बिसंग स्थित आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुसार, रविवार सुबह करीब पांच बजे से ही उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही उनके आवास के बाहर से पुलिस बल हटाया गया।

चिराग फर्त्याल ने नजरबंदी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो चर्चा में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कार्रवाई के कारण वह अपने कई महत्वपूर्ण कार्य नहीं कर पाए। उनका कहना है कि वह क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मिलने का अवसर देने के बजाय घर पर ही रोक दिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विपक्षी दल के जिलाध्यक्ष के आवास के बाहर तड़के से पुलिस बल तैनात करने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्षी दल के जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री से मिलकर क्षेत्र की समस्याएं नहीं उठा सकते?

चिराग फर्त्याल का आरोप है कि जब भी मुख्यमंत्री चंपावत जिले के दौरे पर आते हैं, उस दौरान उन्हें कभी थाने में बैठा दिया जाता है तो कभी उनके आवास पर नजरबंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखना था, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।

नजरबंदी के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जाहिर की।

कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को सरकार की तानाशाही बताते हुए विरोध जताया। उनका कहना है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि पार्टी इस मामले को लेकर सड़कों पर उतरेगी और कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगी।

इस घटनाक्रम के बाद चंपावत में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विपक्षी जिलाध्यक्ष को घर पर रोके जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

फिलहाल, चिराग फर्त्याल की नजरबंदी का मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आगे क्या कदम उठाती है और पुलिस प्रशासन इस कार्रवाई के संबंध में क्या स्पष्टीकरण देता है।