
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

धर्मनगरी हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित मालवीय घाट पर संध्याकालीन गंगा आरती के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अचानक एक सांड घुस आया। सांड की उछल-कूद से वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया और श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, शाम के समय गंगा सभा की ओर से गंगा आरती की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। गंगा स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होने के लिए मालवीय घाट पर एकत्र हुए थे। इसी दौरान घाट पर घूमने वाला एक सांड भीड़ के बीच पहुंच गया।




सांड को अचानक अपने बीच देखकर श्रद्धालु घबरा गए। सांड की गतिविधियों के कारण घाट पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए इधर-उधर हटने और भागने लगे। इस घटना से आरती के लिए एकत्र श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।

घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वायरल वीडियो में सांड श्रद्धालुओं के बीच उछल-कूद करता दिखाई दे रहा है, जबकि लोग उससे बचने के लिए इधर-उधर जाते नजर आ रहे हैं। हालांकि, घटना में किसी के घायल होने या अन्य नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।



गंगा सभा ने भी इस घटना की पुष्टि की है। सभा के अनुसार, यह घटना एक-दो दिन पहले हर की पौड़ी के मालवीय घाट पर हुई थी। सभा का कहना है कि घाट के आसपास अक्सर आवारा पशु घूमते रहते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
गंगा सभा ने आरोप लगाया है कि आवारा पशुओं की समस्या को लेकर नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। सभा का कहना है कि धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, ऐसे में आवारा पशुओं की मौजूदगी परेशानी का कारण बन सकती है।




हर की पौड़ी हरिद्वार का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और आरती के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सांड के भीड़ में घुसने की घटना ने एक बार फिर घाट क्षेत्र में आवारा पशुओं की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि इस मामले के बाद नगर निगम और संबंधित विभाग आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों और आसपास के क्षेत्रों में उचित व्यवस्था किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

