मंत्री रेखा आर्य से जुड़े मामले में जांच तेज, 10 सदस्यीय एसआईटी गठित; ऑडियो रिकॉर्डिंग एफएसएल भेजी जाएगी

मंत्री रेखा आर्य से जुड़े मामले में जांच तेज, 10 सदस्यीय एसआईटी गठित; ऑडियो रिकॉर्डिंग एफएसएल भेजी जाएगी

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कैंट थाने में मंत्री की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी ने मामले की जांच शुरू करते हुए इससे जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है।

पुलिस प्रशासन की ओर से गठित एसआईटी की कमान क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। टीम के अन्य सदस्य जांच में सहयोग करेंगे। पुलिस का उद्देश्य प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े तथ्यों की नियमानुसार पड़ताल करना है।

इस मामले की जांच के दायरे में कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और कूटरचित बताए जा रहे दस्तावेज भी शामिल हैं। पुलिस इनकी सत्यता और मामले से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेजा जाएगा, ताकि उसकी वैज्ञानिक जांच कराई जा सके।

एसपी ग्रामीण जया बलूनी के अनुसार, स्वास्थ्य कारणों से अभी तक मंत्री रेखा आर्य के आधिकारिक बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। चूंकि मंत्री इस मामले की मुख्य शिकायतकर्ता हैं, इसलिए उनके बयान विवेचना के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता के बयान दर्ज होने के बाद जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही एसआईटी मामले से संबंधित अन्य तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारियों को विवेचना में शामिल किया जाएगा।

कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एफएसएल की रिपोर्ट से रिकॉर्डिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल में मदद मिल सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने और साक्ष्यों के विश्लेषण से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल एसआईटी मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों को एकत्र करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के प्रत्येक पहलू की नियमानुसार पड़ताल की जाएगी और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में एसआईटी की जांच, मंत्री रेखा आर्य के बयान और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़े आरोपों और साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।