नानकमत्ता हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चार की तलाश जारी

नानकमत्ता हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चार की तलाश जारी

स्थान : नानकमत्ता
ब्यूरो रिपोर्ट

नानकमत्ता में 35 वर्षीय सतनाम सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। वहीं, मामले में नामजद चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, मामला 18 अक्टूबर का है। ग्राम सिद्धानवदिया निवासी सोनू सिंह ने नानकमत्ता कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कुलदीप सिंह उर्फ बंटी और उसके साथियों ने उनके घर पर पथराव किया तथा अवैध तमंचे से फायरिंग की। इसी दौरान सोनू सिंह के भाई सतनाम सिंह को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल सतनाम सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ऊधमसिंह नगर के निर्देशन में एसपी रुद्रपुर और सीओ खटीमा के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटाए। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए गए।

पुलिस ने 19 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों कुलदीप सिंह उर्फ बंटी और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को मटिहा बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, कुलदीप सिंह के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अब बरामद सामान के संबंध में भी आवश्यक जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में पहले से भी विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, हत्याकांड में उनकी भूमिका और घटना के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

वहीं, हत्याकांड में नामजद चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।

इस हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में नशे और आपसी विवाद से जुड़ी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि, घटना के पीछे स्मैक से संबंधित विवाद होने की बात की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को हत्या की वजह मानना उचित नहीं होगा। पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद किस बात को लेकर हुआ और फायरिंग तक मामला कैसे पहुंचा।

घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि यदि क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां चल रही थीं, तो उन पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा होना बाकी है।

अब देखना होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और हत्याकांड के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने में कितनी सफल होती है। साथ ही, यदि जांच में नशे या अन्य आपराधिक गतिविधियों की भूमिका सामने आती है, तो उन पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर सभी की निगाहें टिकी हैं।