छात्र नेता को डिटेन करने पर बवाल, एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हरीश पनेरु

छात्र नेता को डिटेन करने पर बवाल, एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हरीश पनेरु

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर पंकज सक्सेना

कुमाऊं विश्वविद्यालय महासंघ के अध्यक्ष यतिन पांडे को भीमताल में पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। घटना के विरोध में कांग्रेस नेता हरीश पनेरु, सामाजिक कार्यकर्ता और कॉलेज के छात्र हल्द्वानी स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने भीमताल पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यतिन पांडे कॉलेज के एक कार्यक्रम में शामिल होने और छात्र-छात्राओं से मिलने के लिए भीमताल विधानसभा क्षेत्र जा रहे थे। इसी दौरान भीमताल पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। आरोप है कि इसके बाद उन पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह खेड़ा की गाड़ी में बैठकर धरना स्थल पर जाने का दबाव बनाया गया।

घटना की जानकारी हल्द्वानी में मिलने के बाद कॉलेज के छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता हरीश पनेरु एसएसपी कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने धरना देकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और छात्र नेता के साथ किए गए व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई।

कांग्रेस नेता हरीश पनेरु ने आरोप लगाया कि यतिन पांडे एक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें उठाकर थाने ले गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्र नेताओं को अपनी बात रखने और कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकना उचित नहीं है।

हरीश पनेरु ने सवाल उठाया कि पुलिस किस अधिकार से किसी छात्र नेता को मंत्री की गाड़ी में बैठकर धरना स्थल पर जाने के लिए कह सकती है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या पुलिस किसी मंत्री के दबाव में काम कर रही है। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।

धरने पर बैठे छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भीमताल पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यतिन पांडे को किन परिस्थितियों में डिटेन किया गया था।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने पर वे अपना विरोध जारी रखेंगे। फिलहाल, घटना को लेकर हल्द्वानी में विरोध प्रदर्शन किया गया। मामले में पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।