
स्थान : थराली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

अपनों के बीच रहते हुए भी अकेलेपन से जूझ रही 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की परेशानी को थराली पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ संभाला। डायल-112 के माध्यम से सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और महिला से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उसकी समस्या समझने का प्रयास किया। आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलिस ने महिला को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

जानकारी के अनुसार, थराली पुलिस को डायल-112 के माध्यम से एक बुजुर्ग महिला के परेशान अवस्था में होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां 85 वर्षीय महिला काफी परेशान मिली। पुलिस कर्मियों ने धैर्यपूर्वक महिला की बात सुनी। बातचीत के दौरान महिला ने जीवन से निराशा और अकेलेपन से परेशान होने की बात बताई।



महिला की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम उसे सुरक्षित थाने लेकर आई। यहां थानाध्यक्ष ने भी महिला से बातचीत की और उसकी परेशानी को समझने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में संवेदनशीलता बरतते हुए महिला की भावनात्मक स्थिति को प्राथमिकता दी।

बातचीत के दौरान महिला ने बताया कि उसकी उम्र के अधिकांश लोग अब जीवित नहीं हैं, जिसके चलते वह खुद को अकेला महसूस करती है। महिला ने अपने परिजनों के प्रति किसी तरह की शिकायत नहीं की। उसकी बातों से स्पष्ट हुआ कि उसे इस उम्र में भावनात्मक सहारे और अपनेपन की जरूरत है।


इसके बाद पुलिस ने महिला की पुत्री और अन्य परिजनों को थाने बुलाया तथा उनसे भी बातचीत की। परिजनों ने बताया कि वृद्धावस्था के कारण महिला शारीरिक और मानसिक परेशानियों से गुजर रही है। पुलिस ने परिजनों को महिला की भावनाओं को समझने, उसके साथ समय बिताने और उसकी देखभाल व सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस की पहल के बाद बुजुर्ग महिला को उसकी पुत्री और दामाद के सुपुर्द कर दिया गया। थराली पुलिस की तत्परता और संवेदनशील व्यवहार से महिला को समय पर सहायता मिली। पुलिस ने इस दौरान परिवार के सदस्यों को बुजुर्गों के साथ संवाद बनाए रखने और उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने की अहमियत भी बताई।



चमोली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बुजुर्गों को केवल शारीरिक देखभाल ही नहीं, बल्कि अपनापन, साथ और भावनात्मक सहारे की भी जरूरत होती है। परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे बुजुर्गों की बात धैर्य से सुनें, उनके साथ समय बिताएं और उन्हें अकेलेपन का एहसास न होने दें।
पुलिस का संदेश है कि कभी-कभी किसी की परेशानी को ध्यान से सुन लेना और उसके साथ कुछ पल बिताना भी उसके लिए बड़ा सहारा बन सकता है। परिवार और समाज को बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उन्हें सम्मान, सुरक्षा और अपनापन देना चाहिए।

