
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े प्रकरण के बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने बयान जारी कर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार उन बेटियों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही है, जो अलग-अलग मामलों में पीड़ित रही हैं।

करण माहरा ने कहा कि कांग्रेस का सवाल है कि आखिर कितनी अंकिता, कितनी पिंकी और सल्ट व उत्तरकाशी की कितनी बेटियों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर गंभीरता से ध्यान देने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की जरूरत है।



अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली में कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए माहरा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे माता-पिता के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए।


करण माहरा ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े हालिया मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने पति गिरधारी लाल साहू पर गंभीर आरोप लगाती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों से जुड़े आरोप चिंता का विषय हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।


कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल केवल अंकिता भंडारी या किसी एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की एक कैबिनेट मंत्री ही अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करा रही हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति होगी।

करण माहरा ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। महिलाओं को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी भय के रह सकें और उत्पीड़न की स्थिति में उन्हें समय पर न्याय मिल सके।



कांग्रेस की ओर से महिला सुरक्षा, अंकिता भंडारी प्रकरण और रेखा आर्य की शिकायत के संदर्भ में उठाए गए इन सवालों के बीच अब संबंधित मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई की स्थिति पर नजर रहेगी। रेखा आर्य के मामले में आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

