ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

बाजपुर और गदरपुर विधानसभा क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि, आंधी और तूफान से किसानों की फसलों को हुए नुकसान के बाद मुआवजे की मांग तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी बाजपुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने और विशेष आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की गई।

कांग्रेस के अनुसार, बीती 9 अक्टूबर को आए भीषण प्राकृतिक प्रकोप से बाजपुर और गदरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान, गन्ने और उड़द की फसलें तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण जमीन पर बिछ गईं। इससे किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

फसलों के साथ-साथ आंधी ने ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य नुकसान भी पहुंचाया। कई स्थानों पर पॉपुलर के पेड़ उखड़कर सड़कों और खेतों में गिर गए। वहीं, कुछ ग्रामीणों के पक्के-कच्चे मकानों, गौशालाओं और टीन शेड की छतें उड़ने से संपत्ति को नुकसान पहुंचा। कांग्रेस ने मवेशियों के प्रभावित होने का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया।

प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी, जिलाध्यक्ष नवदीप कंग और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पवन शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एसडीएम कार्यालय पहुंचा और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि किसान सालभर मेहनत करने के बाद फसल समेटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

यशपाल आर्य ने मांग की कि सरकार प्रभावित किसानों को तत्काल उचित मुआवजा उपलब्ध कराए और राहत राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।

कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कराकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने, विशेष आर्थिक पैकेज जारी करने और मकानों, गौशालाओं तथा अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी राहत देने की मांग की है।