
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

शहर के बुद्ध पार्क में भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, वोट चोर गद्दी छोड़ो’ के नारे के साथ आयोजित धरने में वक्ताओं ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान लोगों के वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त है और जनता पांच साल में मतदान के माध्यम से अपनी सरकार चुनती है।




प्रदीप टम्टा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र नागरिक का नाम अनुचित तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।


वहीं, अंकित हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए टम्टा ने अंकित के माता-पिता को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अंकित के माता-पिता शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। टम्टा ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह गुनहगारों का साथ दे रही है।



धरने में शामिल संगठनों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और संबंधित मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा।

ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की जाएगी। धरने के दौरान वक्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने की बात कही।




