
स्थान : काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

शहर की इक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में फीस को लेकर उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि फीस के मामले में अभिभावकों और विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।

मामले में खंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र सिंह साहू ने कहा कि अभिभावकों की ओर से लिखित शिकायत अथवा संबंधित सूचना मिलने के बाद ही विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। उनके इस बयान को लेकर छात्र संगठन ने नाराजगी जताई और कहा कि निजी स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी करना भी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।


खंड शिक्षा अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि संबंधित एकेडमी में करीब 367 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने फीस जमा नहीं की है, इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


वहीं, जांच पूरी होने की समयसीमा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पहले जांच पांच दिन में पूरी होने की बात सामने आई थी, जबकि अब सात दिन में जांच पूरी किए जाने की बात कही जा रही है। छात्र संगठन का कहना है कि मामले में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तथा पारदर्शी ढंग से पूरी की जानी चाहिए।


छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं को लेकर छात्र संघ अध्यक्ष जतिन अपनी टीम के साथ खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए स्कूलों में फीस, परीक्षा और विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की।

छात्र संघ अध्यक्ष जतिन ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर विभाग को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।



उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
छात्र संगठन ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग और जिला शिक्षा विभाग से भी पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि फीस से जुड़े मामलों में स्पष्ट नियम और शिकायत निवारण व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और अभिभावकों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। वहीं, छात्र संगठन ने दोहराया है कि यदि जांच और कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हुआ तो आगे आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

