मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में सजी प्रतिभाओं की महफिल, चित्रकला और मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित

मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में सजी प्रतिभाओं की महफिल, चित्रकला और मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत शुक्रवार को नंदा देवी मंदिर परिसर में अंतरविद्यालयी चित्रकला एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

अंतरविद्यालयी चित्रकला प्रतियोगिता कक्षा एक से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तीन अलग-अलग वर्गों में आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और कलात्मक प्रतिभा को रंगों के माध्यम से कागज पर उतारा। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

इसी क्रम में नंदा देवी मंदिर परिसर में मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता दो वर्गों में हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने हाथों पर आकर्षक और पारंपरिक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

मेहंदी प्रतियोगिता के छात्रा वर्ग में आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत की कक्षा 12 की छात्रा प्रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मिशन इंटर कॉलेज की निदा ने द्वितीय और निहारिका ने तृतीय स्थान हासिल किया।

सीनियर वर्ग में सिमरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। रिमशा दूसरे और पायल तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के बाद विजेता प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका श्रीमती गीतांजलि सती और जोया ने निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की कलात्मकता, डिजाइन, प्रस्तुति और रचनात्मकता के आधार पर विजेताओं का चयन किया।

विजेता प्रतिभागियों को महोत्सव के सांस्कृतिक संयोजक विमल सती और संरक्षक हरीश लाल साह ने पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मां नंदा सेवा समिति अध्यक्ष गौरव भट्ट, उपाध्यक्ष दीपक पंत, कोषाध्यक्ष मोहिल साह और रामेश्वर गोयल सहित समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी प्रतियोगिताओं में पहुंचे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

महोत्सव के तहत आने वाले दिनों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं का सिलसिला जारी रहेगा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है।