एनसीसी कैडेटों को साइबर ठगी और नशे से बचाव के बताए तरीके

एनसीसी कैडेटों को साइबर ठगी और नशे से बचाव के बताए तरीके

स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

साइबर अपराध और नशे के बढ़ते खतरे के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर सैल चमोली की ओर से पुलिस मैदान में एनसीसी कैडेटों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैडेटों को डिजिटल ठगी से बचने और नशे से दूर रहने के उपाय बताए गए।

साइबर सैल प्रभारी उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला ने कैडेटों से संवाद करते हुए साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों की जल्दबाजी, लालच और डर का फायदा उठाकर उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बनाने की कोशिश करते हैं।

कार्यक्रम में फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जी केवाईसी जैसे मामलों के बारे में जानकारी दी गई। कैडेटों को ऐसे संदेशों और कॉल के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई।

पुलिस ने कैडेटों से कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई लिंक न खोलें और अपना ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय विवरण किसी से साझा न करें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय भी सावधानी बरतने पर जोर दिया गया।

कैडेटों को बताया गया कि किसी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते पुलिस या संबंधित साइबर हेल्पलाइन को सूचना देना जरूरी है। इससे आर्थिक नुकसान को रोकने और साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई। कैडेटों को बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ पढ़ाई, करियर और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित कर सकती है।

उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला ने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक गतिविधियों में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर युवा अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।

उन्होंने एनसीसी कैडेटों से जागरूकता का संदेश अपने साथियों और परिवार के सदस्यों तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। उनका कहना था कि जागरूक युवा साइबर अपराध और नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में साइबर सुरक्षा और नशे के दुष्परिणामों से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। इनके माध्यम से कैडेटों को आवश्यक सावधानियों, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और नशामुक्त जीवन से जुड़े संदेश दिए गए।