
स्थान : भीमताल
ब्यूरो रिपोर्ट

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के नौकुचियाताल, नौल, बिजरौली सहित विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पिछले दिनों हुई भारी बारिश और आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क मार्गों, पेयजल लाइनों और अन्य क्षतिग्रस्त व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान मंत्री कैड़ा ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल व्यवस्था, बिजली आपूर्ति सहित विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।



मंत्री कैड़ा ने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार आपदा से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है।


उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से क्षेत्र में चल रहे राहत और पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी ली। साथ ही आपदा के कारण हुए नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।


मंत्री कैड़ा ने कहा कि आपदा के कारण विधानसभा क्षेत्र के कई मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने जल संस्थान के अधिकारियों को प्रभावित पेयजल लाइनों की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारू करने को कहा।



वहीं, कई क्षेत्रों में विद्युत लाइनों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। मंत्री कैड़ा ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों को जल्द ठीक कर प्रभावित इलाकों में बिजली व्यवस्था सामान्य करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने अधिकारियों से संवेदनशील और आपदा प्रभावित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने को भी कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरत के अनुसार आपदा मद से सुरक्षा दीवार एवं अन्य जरूरी कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई की जाए।
मंत्री कैड़ा ने कहा कि आपदा प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और सड़क, बिजली तथा पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए।

