महिला अपराधों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, अंकिता मामले की CBI जांच जल्द पूरी करने की मांग

महिला अपराधों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, अंकिता मामले की CBI जांच जल्द पूरी करने की मांग

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार, 18 सितंबर को चंपावत नगर के गांधी चौक में धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंकिता मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जल्द पूरी करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी की मौत को चार वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन कथित वीआईपी एंगल को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सीबीआई जांच जल्द निष्कर्ष तक पहुंचे और जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आए दिन महिलाओं से जुड़े अपराधों की घटनाएं सामने आने से लोगों में चिंता है और सरकार को महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

फर्त्याल ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध और उत्पीड़न के मामलों को लेकर आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच की प्रगति और कथित वीआईपी एंगल से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए, ताकि प्रकरण से जुड़े सवालों का जवाब मिल सके।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कथित वीआईपी एंगल को लेकर राजनीतिक संरक्षण के सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सीबीआई जांच अभी जारी है। उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में कथित वीआईपी एंगल की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला गहतोड़ी ने भी राज्य सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिला उत्पीड़न की किसी भी घटना का पार्टी मुखर होकर विरोध करेगी। उन्होंने मांग की कि महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में त्वरित जांच, समयबद्ध कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

धरने में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में चल रही सीबीआई जांच को जल्द पूरा किया जाए और जांच में सामने आने वाले महत्वपूर्ण तथ्यों को कानून के दायरे में सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस की ओर से इससे पहले भी अगस्त 2026 में जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई थी।

उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी की हत्या के मुख्य मुकदमे में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को मई 2025 में अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद भी कथित वीआईपी एंगल को लेकर जांच की मांग जारी रही और 2026 में इस पहलू की सीबीआई जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।