बड़ौली गांव में सरकारी भूमि पर रातों-रात काटी सड़क, 25 बांज के पेड़ क्षतिग्रस्त

बड़ौली गांव में सरकारी भूमि पर रातों-रात काटी सड़क, 25 बांज के पेड़ क्षतिग्रस्त

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट ब्लॉक के बड़ौली (सुद्रका) गांव में अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से रातों-रात जेसीबी की मदद से जंगल के बीच सरकारी और वन पंचायत की भूमि पर सड़क काटे जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान बांज और बुरांश के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार सुबह जब उन्हें जंगल के बीच सड़क काटे जाने की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। वहां जंगल के बीच नई सड़क कटी हुई मिली। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र पर्यावरण और जलस्रोतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और स्थानीय लोग लंबे समय से जंगलों के संरक्षण में जुटे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि इन्हीं जंगलों से गांव के पेयजल स्रोत जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि वन पंचायत और सरकारी भूमि पर बिना अनुमति सड़क काटे जाने से प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों द्वारा जमीन खरीदी जा रही है और इसी से जुड़े किसी उद्देश्य के लिए सड़क काटे जाने की आशंका है। हालांकि इस संबंध में अभी प्रशासनिक जांच जारी है और सड़क काटने वाले लोगों की पहचान नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने मामले की सूचना राजस्व उप निरीक्षक और संबंधित विभागों को दी।

मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम को घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सड़क निर्माण तथा पेड़ों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।

लोहाघाट के रेंजर रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि जांच में करीब 25 बांज के पेड़ों के काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और सड़क काटने तथा पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राजस्व निरीक्षक कमल उपाध्याय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगभग 185 मीटर क्षेत्र में पक्की भूमि और करीब 90 मीटर राजस्व भूमि पर सड़क काटी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व निरीक्षक ने यह भी बताया कि मामले में जुर्माने की कार्रवाई के लिए खान विभाग को पत्र भेजा जाएगा। प्रशासनिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक तथ्य एकत्र किए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से अवैध रूप से काटी गई सड़क को बंद कराने और क्षेत्र में आगे किसी भी तरह की खुदाई या निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने जंगल और जलस्रोतों को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचने देंगे। उनका आरोप है कि इससे पहले भी क्षेत्र में पेड़ काटे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जांच टीम में राजस्व निरीक्षक कमल उपाध्याय, राजस्व उप निरीक्षक अंजलि, रेंजर रमेश चंद्र जोशी, वन बीट अधिकारी हिमांशु ढेक सहित कई विभागीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।