अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर सुमित हृदयेश ने CBI जांच पर उठाए सवाल

अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर सुमित हृदयेश ने CBI जांच पर उठाए सवाल

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर हल्द्वानी विधायक एवं कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश ने प्रेस वार्ता कर मामले की सीबीआई जांच और कथित वीआईपी एंगल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता जनता के सामने लाई जाए।

सुमित हृदयेश ने कहा कि चार वर्ष बाद भी कथित वीआईपी को लेकर उठे सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति या राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तीनों की दोषसिद्धि के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया उच्च न्यायालय में चल रही है।

विधायक ने वनंतरा रिजॉर्ट पर घटना के बाद हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से महत्वपूर्ण साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई और यह स्पष्ट होना चाहिए कि रिजॉर्ट पर कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई थी। अदालत में भी बचाव और अभियोजन पक्ष के बीच साक्ष्यों से जुड़े इस पहलू पर बहस हुई है।

हृदयेश ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अब जांच की प्रगति और कथित वीआईपी एंगल से जुड़े तथ्यों को सामने आना चाहिए। राज्य सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी और इसके बाद एजेंसी ने नया मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

उन्होंने कहा कि जांच किसी राजनीतिक दल के आधार पर नहीं बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। उनका कहना था कि कांग्रेस, भाजपा या किसी अन्य संगठन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांग्रेस विधायक ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, सड़कों की स्थिति और भ्रष्टाचार को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर सरकार अपेक्षित काम नहीं कर रही है। ये सुमित हृदयेश द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को निष्पक्षता के साथ सामने लाया जाना चाहिए। दूसरी ओर राज्य सरकार पूर्व में कह चुकी है कि मामले में प्रारंभिक जांच से लेकर अभियोजन तक गंभीरता से कार्रवाई की गई और इसी के परिणामस्वरूप तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई।

फिलहाल अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, जबकि कथित वीआईपी एंगल को लेकर सीबीआई जांच जारी है। चौथी बरसी पर देहरादून समेत विभिन्न स्थानों पर सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी मामले से जुड़े शेष सवालों की जांच पूरी करने की मांग उठाई।