
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

चांदमारी क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई महिला निशा पांचाल की मौत के मामले का उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। गुरुवार को आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल मृतका के आवास पर पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

महिला आयोग अध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े प्रत्येक तथ्य की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।


कुसुम कंडवाल ने परिजनों से बातचीत के दौरान उनकी ओर से लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में भी जानकारी ली। परिजनों ने आयोग अध्यक्ष के सामने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं को रखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की।


आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ मृतका के परिजनों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं, उसके संबंध में पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।


मामले में मृतका के पति की शिकायत पर डोईवाला कोतवाली पुलिस ने पड़ोस के एक व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधिकारियों से मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों और अन्य तथ्यों की निष्पक्षता से पड़ताल जरूरी है।



महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग मामले पर नजर बनाए रखेगा। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने के लिए आयोग अपने स्तर से आवश्यक सहयोग करेगा और जांच की प्रगति की जानकारी भी ली जाएगी।
मृतका के परिजनों ने आयोग अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि महिला को लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और पुलिस ने संबंधित व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला आयोग की ओर से भी मामले में निष्पक्ष और तथ्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

