
स्थान : थराली
ब्यूरो रिपोर्ट

प्रदेश संगठन के आह्वान पर थराली प्रधान संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर विकासखंड कार्यालय थराली में विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधानों ने मांगों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

थराली प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान विकासखंड कार्यालय पहुंचे। इस दौरान प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई।



प्रधान संगठन की ओर से सहायक विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 10 सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया। संगठन ने मांगों पर जल्द निर्णय लेते हुए उनका निस्तारण करने की मांग की।

विरोध प्रदर्शन में प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष उमेश खंडूरी भी शामिल हुए। उन्होंने ग्राम प्रधानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़े कई मुद्दों का समाधान नहीं हो पाया है।



ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगों में प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग शामिल है। प्रधान संगठन का कहना है कि जिम्मेदारियों के अनुरूप मानदेय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।

इसके अलावा वीबी-जी राम जी योजना के तहत ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई। ग्राम प्रधानों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के चलते कई स्थानों पर व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं।



प्रधान संगठन ने पंचायतीराज एक्ट के तहत पारित 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी। संगठन का कहना है कि पंचायतों को अधिकार मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित ग्राम प्रधानों ने विकासखंड कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी भी की। प्रदर्शन के दौरान प्रधानों ने सरकार से 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
ग्राम प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर के ग्राम प्रधान उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

