
स्थान : सितारगंज
ब्यूरो रिपोर्ट

बाईपास रोड पर टुकटुक में आग लगने से झुलसी महिला सरस्वती की मौत के मामले में सितारगंज पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पवित्र सरकार उर्फ कन्हई और जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त 2026 को सितारगंज बाईपास रोड पर एक टुकटुक में आग लगने की सूचना मिली थी। घटना में सरस्वती और पवित्र सरकार झुलस गए थे। गंभीर रूप से झुलसी सरस्वती की 19 अगस्त को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। विवेचना में यह तथ्य सामने आने का दावा किया गया कि घटना के समय सरस्वती ने टुकटुक के अंदर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी।


पुलिस जांच के अनुसार सरस्वती और पवित्र सरकार के बीच कई वर्षों से संबंध थे। आरोप है कि बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और पवित्र ने उससे बातचीत कम कर दी थी। पुलिस का दावा है कि इस दौरान सरस्वती मानसिक तनाव में थी।


पुलिस के मुताबिक विवेचना में पवित्र सरकार पर सरस्वती को मानसिक रूप से परेशान करने तथा संबंध और विवाह को लेकर दबाव बनाने के आरोप सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की।

मामले की आगे की जांच में जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार की भूमिका भी सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। आरोप है कि घटना से पहले उसने पेट्रोल की व्यवस्था कर सरस्वती को उपलब्ध कराया और उसे पवित्र सरकार के टुकटुक तक पहुंचाया।



पुलिस के अनुसार कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जितेंद्र की भूमिका की जांच की गई। पुलिस का दावा है कि वह सरस्वती और पवित्र के बीच विवाद को बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। इन आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
विवेचना के बाद पुलिस ने पवित्र सरकार उर्फ कन्हई और जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार को थाने बुलाकर विस्तृत पूछताछ की। साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दोनों को जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना जारी है। सरस्वती की मौत से जुड़े घटनाक्रम, दोनों आरोपियों की कथित भूमिका और अन्य संभावित तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

