
स्थान : कर्णप्रयाग
रिपोर्टर : विनोद पांडे

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज कर्णप्रयाग में कानून के प्रति जागरूकता और नागरिक अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं, शिक्षिकाओं और विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया।

शिविर के दौरान छात्राओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और नागरिकों को प्राप्त अधिकारों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर विशेष रूप से जागरूक रहने का संदेश दिया गया।


चौकी प्रभारी लंगासू उप निरीक्षक दिनेश सिंह पंवार ने साइबर जागरूकता अभियान के तहत छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए।


उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और फर्जी कॉल से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।


उप निरीक्षक दिनेश सिंह पंवार ने बताया कि साइबर ठगी अथवा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने की स्थिति में पीड़ित को बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

उन्होंने छात्राओं को बताया कि साइबर अपराध की शिकायत केंद्र सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है। साइबर ठगी के मामलों में जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।




शिविर में मोबाइल फोन और कंप्यूटर सहित डिजिटल उपकरणों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के तरीके भी बताए गए। मजबूत पासवर्ड रखने, समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करने और अनजान ऐप या फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी गई।
छात्राओं से कहा गया कि वे संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और सार्वजनिक स्थानों पर अपनी संवेदनशील तथा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल दौर में थोड़ी सी लापरवाही साइबर ठगी का कारण बन सकती है।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि कानून की जानकारी और डिजिटल सुरक्षा की समझ आज प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है तथा जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

