जनता मिलन में 208 शिकायतें, डीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

जनता मिलन में 208 शिकायतें, डीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, जनसुनवाई और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देशों के क्रम में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।

जनता मिलन कार्यक्रम में कुल 208 आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सोलर स्ट्रीट लाइट, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, आर्थिक सहायता, सुरक्षा दीवार, चेनलिंक फेंसिंग और पूर्ति विभाग से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही।

जिलाधिकारी ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए।

डीएम मनीष कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता मिलन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत और आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव है, उनमें किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार को जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

सोमवार को जनता मिलन में हाल की आपदा और बारिश से क्षतिग्रस्त निजी परिसंपत्तियों से संबंधित कई मामले भी सामने आए। इसके अलावा सड़क निर्माण, सीमांत एवं वन क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने और क्षतिग्रस्त पेयजल संरचनाओं की मरम्मत से जुड़ी मांगें लोगों ने प्रशासन के सामने रखीं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े प्रकरणों में विभाग गंभीरता से कार्य करें, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

डीएम ने कहा कि जनता मिलन का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।