मजदूरों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस का ‘काम मांगो अभियान’

मजदूरों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस का ‘काम मांगो अभियान’

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने मजदूरों के अधिकार और ग्रामीण रोजगार के मुद्दे को लेकर देशव्यापी ‘काम मांगो अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन के नेशनल कोऑर्डिनेटर गौरव शर्मा ने रुड़की में पत्रकार वार्ता कर अभियान की रूपरेखा की जानकारी दी।

गौरव शर्मा ने बताया कि अभियान की शुरुआत उत्तराखंड से 13 सितंबर को की जा चुकी है और इसे आगे पूरे देश में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मजदूरों से सीधे संवाद करेंगे और रोजगार तथा काम से जुड़ी उनकी समस्याओं की जानकारी जुटाएंगे।

पत्रकार वार्ता के दौरान गौरव शर्मा ने केंद्र सरकार पर ग्रामीण रोजगार के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी पंचायती राज संगठन मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के उद्देश्य से इस अभियान को ब्लॉक स्तर तक ले जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान मनरेगा के तहत गरीब और जरूरतमंद मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में मजदूरों को उनकी जरूरत और अधिकार के अनुरूप पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है।

गौरव शर्मा ने कहा कि ‘काम मांगो अभियान’ के तहत संगठन के कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर मजदूरों की रोजगार स्थिति, काम की उपलब्धता और उनकी अन्य समस्याओं का ब्यौरा जुटाएंगे। इसके आधार पर मजदूरों से जुड़े मुद्दों को प्रशासन और सरकार के सामने उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि काम मांगना मजदूरों का अधिकार है और किसी भी पात्र मजदूर को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन का प्रयास रहेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की वास्तविक स्थिति सामने आए और जरूरतमंद लोगों को समय पर काम उपलब्ध हो।

गौरव शर्मा ने बताया कि यह अभियान अगले छह महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच है कि ग्रामीण रोजगार की गारंटी मांग आधारित हो और उसके लिए बजट भी वास्तविक जरूरत के अनुसार तय किया जाए, ताकि काम मांगने वाले प्रत्येक मजदूर को रोजगार मिल सके।

पत्रकार वार्ता के दौरान जिला कोऑर्डिनेटर ईशा त्यागी और ओबीसी विभाग कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री रणवीर नागर भी मौजूद रहे। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि अभियान के जरिए मजदूरों की आवाज को गांव से लेकर बड़े स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।