
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं।


समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों ने ठगी, भूमि विवाद, अतिक्रमण, पेयजल, मोबाइल नेटवर्क और रास्ता बंद किए जाने समेत विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।



जनसुनवाई के दौरान निवेश के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया। ऋषिकेश निवासी तीन महिलाओं ने दून समृद्धि लिमिटेड और सर्व माइक्रोफाइनेंस इंडिया एसोसिएशन पर निवेश के नाम पर करीब 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ताओं ने निवेश की गई धनराशि वापस दिलाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इसके अलावा नथुवाला निवासी अखिलेश उनियाल ने इंडिया ग्लोबल सर्विसेज पर नौकरी का ऑफर देकर एक लाख 75 हजार रुपये लेने और इसके बाद नौकरी नहीं देने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं इंद्रेश नगर निवासी खेम चंद ने सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगे जाने का आरोप लगाया।

इन दोनों शिकायतों की जांच पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है। अधिकारियों को तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में रोजगार के नाम पर ठगी के मामलों को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया।


जनसुनवाई में बारिश से मकान और गौशाला की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के मामले भी सामने आए। वहीं नेहरू कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने पुत्र और पुत्रवधू पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस मामले में भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को महज औपचारिकता न माना जाए। प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए।

