
ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 183 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 111 रन पर सिमट गई।


भारत की जीत में युवा स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 20 रन देकर चार विकेट झटके और श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनके साथ दीप्ति शर्मा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए।



इस प्रदर्शन के साथ श्री चरणी ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल तक वह 35 विकेट के साथ पूनम यादव के 2018 के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी थीं और फाइनल के चार विकेटों के साथ 2026 में उनका आंकड़ा 39 विकेट तक पहुंच गया।

श्री चरणी का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली रहा। सेमीफाइनल तक उन्होंने चार मैचों में आठ विकेट लिए थे, जबकि फाइनल में चार विकेट लेकर उन्होंने प्रतियोगिता में अपने विकेटों की संख्या 12 तक पहुंचा दी। भारतीय स्पिन गेंदबाजी ने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।


फाइनल में भारत की मजबूत बल्लेबाजी की नींव शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने रखी। शैफाली ने 39 गेंदों में 68 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की शानदार साझेदारी कर भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने लगातार विकेट गंवाती रही। कप्तान चमारी अटापट्टू ने सर्वाधिक 36 रन बनाए, लेकिन टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचा सकीं। श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर आउट हो गई।



जीत के बाद पुरस्कार वितरण समारोह भी चर्चा में रहा। भारतीय महिला टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों विजेता ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। यह मामला मैच के बाद क्रिकेट के साथ-साथ राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने महिला एशिया कप में अपना दबदबा फिर साबित किया है। टीम इंडिया अब 10 फाइनल खेलकर रिकॉर्ड आठ खिताब जीत चुकी है और प्रतियोगिता के इतिहास की सबसे सफल टीम बनी हुई है। वहीं श्री चरणी की रिकॉर्डतोड़ गेंदबाजी भारत की इस ऐतिहासिक खिताबी जीत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रही।

