
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता इन दिनों “नाराज़ फूफा” की भूमिका में नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास, निवेश या रोजगार से जुड़ी कोई भी पहल हो, कांग्रेस नेता उसका विरोध करने लगते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से सरकार लगातार काम कर रही है। उनका दावा है कि विकास से जुड़ी इन पहलों को लेकर कांग्रेस सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय सवाल खड़े कर रही है।



धामी ने कांग्रेस पर परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं की राजनीति लंबे समय तक परिवारवाद और तुष्टिकरण के इर्द-गिर्द रही, उन्हें आज पारदर्शिता, सुशासन और विकास आधारित राजनीति स्वीकार नहीं हो रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कांग्रेस नेताओं को लेकर ‘मियां’ शब्द का भी इस्तेमाल किया और इसे उनकी राजनीति से जोड़ते हुए कटाक्ष किया। यह बयान प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर सकता है।

सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए UIIDB का गठन किया गया है। सरकार का दावा है कि इसके माध्यम से निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय जमीनों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी थी। धामी ने कहा कि वर्तमान सरकार हर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।


मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन नहीं किया।
धामी ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस निवेश, रोजगार, सुशासन और विकास पर है। वहीं कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

