
स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट


ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्य में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। शिवपुरी से ऋषिकेश के ढालवाला तक बनाई जा रही करीब 10 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण पूरा करते हुए सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू कर लिया गया है।


मैक्स इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर निशित शर्मा ने बताया कि टनल निर्माण में अत्याधुनिक और कंप्यूटराइज्ड मशीनों का इस्तेमाल किया गया। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कठिन परिस्थितियों में भी निर्माण कार्य को तेजी और सटीकता के साथ आगे बढ़ाने में मदद मिली।




उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत शिवपुरी से ढालवाला तक की यह पहली लगभग 10 किलोमीटर लंबी टनल है, जिसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। टनल का ब्रेकथ्रू परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



टनल निर्माण के दौरान अधिकांश कार्य आधुनिक और स्वचालित मशीनों के माध्यम से किया गया। इससे निर्माण कार्य की गति बढ़ने के साथ सुरक्षा, दक्षता और तकनीकी सटीकता में भी सुधार हुआ।


प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार निर्माण कार्य में सैंडविक कंपनी की ऑटोमैटिक और सेमी-ऑटोमैटिक ड्रिल जंबो मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इन मशीनों की मदद से टनल के भीतर ड्रिलिंग का काम तेजी और निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया।

इसके अलावा सिफा की लो-पल्सटिंग शॉटक्रेट मशीनों का प्रयोग टनल की मजबूती और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किया गया। वहीं लीभर की साइड-टिल्टिंग डंपर मशीनों ने सुरंग से निर्माण सामग्री और मलबा हटाने के कार्य को तेज किया।



टनल निर्माण में एपिरो के कंटीन्यूअस लोडर का भी इस्तेमाल किया गया। आधुनिक मशीनों के समन्वित प्रयोग से निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ी और परियोजना को तय तकनीकी मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिली।


करीब 10 किलोमीटर लंबी इस टनल का ब्रेकथ्रू ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति में अहम कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रेल संपर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।

