
ब्यूरो रिपोर्ट


कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शहरी विकास विभाग, जलागम प्रबंधन विभाग और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जनहित से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।


मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए और कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।



शहरी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने शहरों में पेयजल वितरण, सीवरेज लाइन, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय समयावधि के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।



जलागम प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।


पर्यावरण विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने पौधरोपण अभियानों को गति देने और प्लास्टिक उन्मूलन के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर योजनाओं को आगे बढ़ाना आवश्यक है।



मंत्री कैड़ा ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही बजट का शत-प्रतिशत और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

बैठक में मंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। समीक्षा बैठक में तीनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

