भारतीय सेना में अधिकारी बने लोहाघाट के मेहुल खर्कवाल, क्षेत्र में खुशी की लहर

भारतीय सेना में अधिकारी बने लोहाघाट के मेहुल खर्कवाल, क्षेत्र में खुशी की लहर

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र के होनहार युवा मेहुल खर्कवाल ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे लोहाघाट क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

मेहुल खर्कवाल लोहाघाट के वरिष्ठ व्यापारी गणेश दत्त खर्कवाल और सुधा खर्कवाल के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और लगातार प्रयासों के दम पर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया है। उनकी सफलता से चम्पावत जिले और उत्तराखंड का गौरव भी बढ़ा है।

सेना में अधिकारी बनने के बाद शुक्रवार को मेहुल पहली बार अपने माता-पिता के साथ गृह क्षेत्र लोहाघाट पहुंचे। ऋषेश्वर महादेव मंदिर परिसर में परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने फूल मालाओं और तिलक लगाकर उनका जोरदार स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

स्वागत के दौरान मेहुल ने अपने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने ऋषेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान परिजनों के चेहरों पर बेटे की उपलब्धि को लेकर गर्व और खुशी साफ दिखाई दी।

मेहुल की सफलता के पीछे उनके माता-पिता और परिवार के निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेटे के भारतीय सेना में अधिकारी बनने से परिवार में खुशी का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

राज्य आंदोलनकारी राजू गढ़कोटी, शशांक पांडे सहित क्षेत्र के अन्य लोगों ने मेहुल की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि उत्तराखंड की धरती ने हमेशा देश की सेना को जांबाज और समर्पित युवा दिए हैं। मेहुल खर्कवाल ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनकी सफलता से अन्य युवाओं को भी सेना में करियर बनाने और देशसेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलेगी।

लोहाघाट और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने मेहुल खर्कवाल को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। क्षेत्रवासियों ने विश्वास जताया कि वह भारतीय सेना में निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए चम्पावत और उत्तराखंड का नाम आगे भी रोशन करेंगे।