बाजपुर चीनी मिल स्क्रैप घोटाले पर फिर गरमाई सियासत, तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

बाजपुर चीनी मिल स्क्रैप घोटाले पर फिर गरमाई सियासत, तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

चीनी मिल स्क्रैप घोटाले को लेकर एक बार फिर सियासत गरमाती नजर आ रही है। मामले में मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई, बंद पड़ी बाजपुर डिस्टलरी को चालू कराने और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई है।

गुरजीत सिंह गित्ते के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह को तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें स्क्रैप घोटाले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

इसके साथ ही बंद पड़ी बाजपुर डिस्टलरी को जल्द चालू कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि डिस्टलरी शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मांगपत्र में बाजपुर चीनी मिल सहित अन्य उद्योगों में स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग भी उठाई गई है।

गौरतलब है कि चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले को लेकर पूर्व में किसानों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मिल कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से मिल गेट पर धरना दिया था। उस समय प्रशासन की ओर से 15 दिन में जांच पूरी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।

आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्क्रैप प्रकरण में केवल तीन जूनियर कर्मियों को निलंबित कर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई।

गुरजीत सिंह गित्ते ने आरोप लगाया कि लंबा समय बीत जाने के बावजूद संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इससे दोषियों को बचाए जाने की आशंका पैदा हो रही है।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीनों मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

मांगपत्र सौंपे जाने के दौरान नगर पालिका के कई सभासद, मिल कर्मचारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले में पारदर्शी जांच और जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई।