
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


जिले में मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।


अभियान के दौरान पनीर निर्माण इकाइयों, डेयरी, होटल और खाद्य तेल के गोदामों की जांच की गई। टीम ने साफ-सफाई, पंजीकरण और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े मानकों का निरीक्षण किया।



कार्रवाई के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से छह खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने लिए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।



एक खाद्य तेल गोदाम से सरसों तेल और वनस्पति के नमूने भी लिए गए। यहां खाद्य पदार्थों के भंडारण और गुणवत्ता संबंधी व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।


निरीक्षण के दौरान करीब 50 किलो खराब बेसन मिलने पर टीम ने उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान संचालक को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

पिरान कलियर स्थित एक पनीर सप्लाई यूनिट से भी पनीर का नमूना लिया गया। इसके अलावा रुड़की स्थित डेयरी से भी पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।



श्रवणनाथ नगर स्थित एक होटल में निरीक्षण के दौरान बिना पंजीकरण किचन संचालित होता पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ चालानी कार्रवाई की।

विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले पांच खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ न्यायालय में वाद भी दायर किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने कहा कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावटखोरी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

